Social Activity BSP
बिलासपुर (Social Activity BSP)।
पवित्र रमजान माह के मुकद्दस दिनों में बिलासपुर शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों का माहौल पूरी तरह इबादत, सब्र और इंसानियत की भावना से सराबोर नजर आ रहा है। खासकर शबे क़द्र की मुबारक रात को मुस्लिम समाज के लोगों ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ इबादत में गुजारी। शहर की मस्जिदों में देर रात तक नात, सलाम, तकरीर, तिलावत-ए-कुरआन और जिक्र-ओ-अज़कार की गूंज सुनाई देती रही।
रमजान को आत्मशुद्धि, संयम और बुराइयों से दूर रहने का महीना माना जाता है। इस दौरान रोजेदार दिनभर रोजा रखकर सब्र, सहनशीलता और आत्मसंयम का पालन करते हैं और खुद को नेकी के रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।
शहर की प्रमुख मस्जिदों—नूरानी मस्जिद, मक्का मस्जिद, सुन्नी हुसैनी मस्जिद, मदीना मस्जिद, गोल बाजार, सरकंडा और मंगला क्षेत्र—में पूरे रमजान माह विशेष नमाजों का आयोजन किया जा रहा है। तरावीह नमाज में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हो रहे हैं और कुरआन शरीफ की तिलावत की जा रही है। शबे क़द्र की रात इन मस्जिदों में विशेष इबादत का नजारा देखने को मिला, जहां लोग देर रात तक सजदे में झुके रहे।
इस्लाम में शबे क़द्र को हजार महीनों से बेहतर रात बताया गया है। मान्यता है कि इस रात अल्लाह की खास रहमतें अपने बंदों पर बरसती हैं और सच्चे दिल से मांगी गई दुआएं कबूल होती हैं। इसी वजह से शहरभर के मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने गुनाहों की माफी के साथ-साथ देश, प्रदेश और पूरी दुनिया में अमन-चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।
रमजान के दौरान जकात और खैरात का भी विशेष महत्व देखने को मिल रहा है। समाज के लोग जरूरतमंदों और गरीबों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। जगह-जगह राशन, कपड़े और अन्य जरूरी सामान का वितरण कर इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश की जा रही है।
रातभर इबादत के बाद कई मस्जिदों में रोजेदारों के लिए सहरी का इंतजाम भी किया गया, जहां लोगों ने मिलजुलकर सहरी की और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।
अब सभी की निगाहें ईद-उल-फितर के चांद पर टिकी हैं। चांद नजर आते ही ईद का त्योहार पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन मुस्लिम समाज ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा कर एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देगा।
कुल मिलाकर, रमजान और शबे क़द्र की यह रूहानी फिजा बिलासपुर में भाईचारे, शांति और सद्भाव की खूबसूरत तस्वीर पेश कर रही है, जो समाज को एकता और इंसानियत का संदेश दे रही है।
रिपोर्ट :- शेख सरफराज़ अहमद



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